🏰 शिवाजी महाराज के किले – भाग 3 (किला 61 से 90 तक)

61. कोहजाई किला

  • पहले: आदिलशाही
  • कैसे मिला: छापामार युद्ध से कब्जा
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Kohjai Fort – Satara Gazetteer

62. माथेरान किला

  • पहले: बहमनी
  • कैसे मिला: सह्याद्रि नियंत्रण हेतु
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Matheran Fort – ASI Maharashtra

63. दौलताबाद किला

  • पहले: मुगलों के अधीन
  • कैसे मिला: कूटनीतिक दबाव से समर्पण
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Daulatabad Fort – Mughal-Maratha Records

64. शिवपुरी किला

  • पहले: स्थानीय कबीला
  • कैसे मिला: बिना युद्ध के समर्पण
  • नाम परिवर्तन: शिवपुरी रखा गया
  • प्रमाण: Shivpuri Fort – Oral Histories of Maval

65. बोरगड

  • पहले: आदिलशाही
  • कैसे मिला: युद्ध से जीता
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Borgad Fort – Sahyadri Forts Survey

66. नागनाथगढ़

  • पहले: बहमनी
  • कैसे मिला: रणनीतिक दृष्टि से कब्जा
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Nagnathgad Fort – Fort History Archives

67. शहागड

  • पहले: आदिलशाही
  • कैसे मिला: छापामार युद्ध से कब्जा
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Shahagad Fort – Satara Gazetteer

68. भंडारगढ़

  • पहले: पुर्तगाली
  • कैसे मिला: नौसेना से घेराबंदी
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Bhandargad Fort – Coastal Forts Survey

69. कुंडल किला

  • पहले: आदिलशाही
  • कैसे मिला: युद्ध से जीता
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Kundal Fort – Sahyadri Forts Documentation

70. माणेर किला

  • पहले: बहमनी
  • कैसे मिला: सह्याद्रि की सुरक्षा हेतु कब्जा
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Maner Fort – ASI Maharashtra

71. सोनोरी किला

  • पहले: बहमनी
  • कैसे मिला: रणनीतिक दृष्टि से कब्जा
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Sonori Fort – Fort Survey Records

72. मोहांगड

  • पहले: आदिलशाही
  • कैसे मिला: 1672 में युद्ध से जीता
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Mohangad Fort – Sahyadri Forts Survey

73. कवठगड

  • पहले: आदिलशाही
  • कैसे मिला: छापामार युद्ध से कब्जा
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Kawathgad Fort – Satara Gazetteer

74. शिवगड (दूसरा स्थान)

  • पहले: स्थानीय कबीला
  • कैसे मिला: बिना युद्ध के समर्पण
  • नाम परिवर्तन: शिवगड रखा गया
  • प्रमाण: Shivgad Fort – Oral Histories of Konkan

75. तारागढ़

  • पहले: बहमनी
  • कैसे मिला: रणनीतिक दृष्टि से कब्जा
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Taragad Fort – ASI Maharashtra

76. सोनगड (दूसरा स्थान)

  • पहले: आदिलशाही
  • कैसे मिला: युद्ध से जीता
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Songad Fort – Fort History Archives

77. कुर्लेगड

  • पहले: आदिलशाही
  • कैसे मिला: युद्ध से जीता
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Kurlegad Fort – Sahyadri Forts Documentation

78. शहागड (तीसरा स्थान)

  • पहले: बहमनी
  • कैसे मिला: रणनीतिक दृष्टि से कब्जा
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Shahagad Fort – Fort Survey Records

79. नवगड (दूसरा स्थान)

  • पहले: स्थानीय शासन
  • कैसे मिला: बिना युद्ध के समर्पण
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Navgad Fort – Oral Histories of Maharashtra

80. कुंडलगड (दूसरा स्थान)

  • पहले: आदिलशाही
  • कैसे मिला: युद्ध से जीता
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Kundalgad Fort – Sahyadri Forts Survey

81. माणिकगड (दूसरा स्थान)

  • पहले: यादव वंश
  • कैसे मिला: सह्याद्रि की सुरक्षा हेतु कब्जा
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Manikgad Fort – Fort History Archives

82. शिवनेरी (दूसरा स्थान)

  • पहले: बहमनी शासन
  • कैसे मिला: जन्मस्थल के रूप में नियंत्रण
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Shivneri Fort – ASI Maharashtra

83. पावनगड (दूसरा स्थान)

  • पहले: आदिलशाही
  • कैसे मिला: छापामार शैली से कब्जा
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Pavangad Fort – Sahyadri Forts Documentation

84. मंगलगड (दूसरा स्थान)

  • पहले: आदिलशाही
  • कैसे मिला: युद्ध से जीता
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Mangalgad Fort – Fort Survey Archives

85. सुभानगढ़ (दूसरा स्थान)

  • पहले: मुगल नियंत्रण
  • कैसे मिला: कूटनीतिक दबाव से समर्पण
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Subhangad Fort – Mughal-Maratha Records

86. वैराटगड (दूसरा स्थान)

  • पहले: बहमनी शासन
  • कैसे मिला: सह्याद्रि नियंत्रण हेतु कब्जा
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Vairatgad Fort – ASI Maharashtra

87. मल्हारगढ़ (दूसरा स्थान)

  • पहले: आदिलशाही
  • कैसे मिला: युद्ध के बाद समर्पण
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Malhargad Fort – Pune Gazetteer

88. श्रीवर्धन (दूसरा स्थान)

  • पहले: स्थानीय शासन
  • कैसे मिला: समुद्री नियंत्रण हेतु कब्जा
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Shrivardhan Fort – Coastal Forts Survey

89. बाणकोट (दूसरा स्थान)

  • पहले: पुर्तगाली
  • कैसे मिला: नौसेना से घेराबंदी
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Bankot Fort – British Naval Records

90. धामनगिरी (दूसरा स्थान)

  • पहले: आदिलशाही
  • कैसे मिला: छापामार युद्ध से कब्जा
  • नाम वही रहा
  • प्रमाण: Dhamangiri Fort – Sahyadri Forts Documentation

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