🏰 शिवाजी महाराज के किले – भाग 9 (किला 241 से 270 तक)
241. पेडणे किला
- पहले: पुर्तगाली
- कैसे मिला: नौसेना से घेराबंदी
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Pedne Fort – Portuguese-Maratha Naval Records
242. मोरगांव किला
- पहले: बहमनी
- कैसे मिला: रणनीतिक दृष्टि से कब्जा
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Morgaon Fort – ASI Maharashtra
243. माणगड (दक्षिण)
- पहले: आदिलशाही
- कैसे मिला: छापामार युद्ध से कब्जा
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Mangad Fort – Sahyadri Forts Documentation
244. कुर्ली किला
- पहले: स्थानीय शासन
- कैसे मिला: बिना युद्ध के समर्पण
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Kurli Fort – Oral Histories of Konkan
245. शिरगाव किला
- पहले: पुर्तगाली
- कैसे मिला: समुद्री नियंत्रण हेतु कब्जा
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Shirgaon Fort – Coastal Forts Survey
246. बोकरवाडी किला
- पहले: आदिलशाही
- कैसे मिला: युद्ध से जीता
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Bokarwadi Fort – District Gazetteer
247. दापोली (दक्षिण)
- पहले: पुर्तगाली
- कैसे मिला: नौसेना से घेराबंदी
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Dapoli Fort – Coastal Forts Documentation
248. मालवण (मुख्य द्वार)
- पहले: कोई किला नहीं था
- कैसे मिला: शिवाजी महाराज ने खुद बनवाया
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Malvan Fort – UNESCO Tentative List
249. सावंतवाडी (दक्षिण)
- पहले: सावंत वंश
- कैसे मिला: बिना युद्ध के समर्पण
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Sawantwadi Fort – Oral Histories of Sindhudurg
250. वेंगुर्ला (मुख्य द्वार)
- पहले: पुर्तगाली
- कैसे मिला: समुद्री नियंत्रण हेतु कब्जा
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Vengurla Fort – Coastal Forts Documentation
251. शिरोडा (मुख्य द्वार)
- पहले: पुर्तगाली
- कैसे मिला: नौसेना से घेराबंदी
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Shiroda Fort – British Naval Records
252. तिरकोल (मुख्य द्वार)
- पहले: पुर्तगाली
- कैसे मिला: मराठा नौसेना के सहयोग से
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Tiracol Fort – Portuguese-Maratha Conflict Records
253. कुंडल (दक्षिण)
- पहले: आदिलशाही
- कैसे मिला: युद्ध से जीता
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Kundal Fort – Sahyadri Forts Survey
254. देवगड (मुख्य द्वार)
- पहले: पुर्तगाली
- कैसे मिला: नौसेना से घेराबंदी
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Devgad Fort – Coastal Forts Survey
255. राजापूर (मुख्य द्वार)
- पहले: आदिलशाही
- कैसे मिला: युद्ध से जीता
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Rajapur Fort – Sahyadri Forts Documentation
256. रत्नागिरी (मुख्य द्वार)
- पहले: बहमनी
- कैसे मिला: मराठा नौसेना के सहयोग से
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Ratnagiri Fort – Fort History Archives
257. गुहागर (मुख्य द्वार)
- पहले: पुर्तगाली
- कैसे मिला: समुद्री नियंत्रण हेतु कब्जा
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Guhagar Fort – Coastal Forts Survey
258. चिपळूण (मुख्य द्वार)
- पहले: बहमनी
- कैसे मिला: रणनीतिक दृष्टि से कब्जा
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Chiplun Fort – ASI Maharashtra
259. खेड (मुख्य द्वार)
- पहले: आदिलशाही
- कैसे मिला: छापामार युद्ध से कब्जा
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Khed Fort – District Gazetteer
260. दापोली (पूर्व)
- पहले: पुर्तगाली
- कैसे मिला: नौसेना से घेराबंदी
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Dapoli Fort – Coastal Forts Documentation
261. श्रीखंड (मुख्य द्वार)
- पहले: बहमनी
- कैसे मिला: सह्याद्रि की सुरक्षा हेतु कब्जा
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Shrikhand Fort – Fort History Archives
262. म्हासला (मुख्य द्वार)
- पहले: आदिलशाही
- कैसे मिला: युद्ध से जीता
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Mhasla Fort – Sahyadri Forts Survey
263. रोहा (मुख्य द्वार)
- पहले: बहमनी
- कैसे मिला: रणनीतिक दृष्टि से कब्जा
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Roha Fort – ASI Maharashtra
264. माणगाव (मुख्य द्वार)
- पहले: स्थानीय शासन
- कैसे मिला: बिना युद्ध के समर्पण
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Mangaon Fort – Oral Histories of Konkan
265. घोसाळ (मुख्य द्वार)
- पहले: आदिलशाही
- कैसे मिला: छापामार युद्ध से कब्जा
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Ghosal Fort – Sahyadri Forts Documentation
266. दिवे (मुख्य द्वार)
- पहले: पुर्तगाली
- कैसे मिला: मराठा नौसेना के सहयोग से
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Dive Fort – Portuguese-Maratha Conflict Records
267. उरण (मुख्य द्वार)
- पहले: सिद्दी शासन
- कैसे मिला: समुद्री नियंत्रण हेतु कब्जा
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Uran Fort – British Naval Records
268. पनवेल (मुख्य द्वार)
- पहले: पुर्तगाली
- कैसे मिला: नौसेना से घेराबंदी
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Panvel Fort – Coastal Forts Documentation
269. नेरळ (मुख्य द्वार)
- पहले: बहमनी
- कैसे मिला: सह्याद्रि की सुरक्षा हेतु कब्जा
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Neral Fort – ASI Maharashtra
270. कर्जत (मुख्य द्वार)
- पहले: आदिलशाही
- कैसे मिला: युद्ध से जीता
- नाम वही रहा
- प्रमाण: Karjat Fort – Fort History Archives

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