Elon Musk Success Story: एक ऐसा लड़का जिसे लोग पागल कहते थे, आज वही दुनिया का भविष्य लिख रहा है

क्या आप मानेंगे कि एक समय ऐसा भी था जब दुनिया के सबसे चर्चित उद्यमियों में से एक के पास किराया देने तक के पैसे नहीं थे?

क्या आप विश्वास करेंगे कि जिस व्यक्ति की कंपनियों की कीमत आज खरबों डॉलर में आँकी जाती है, उसने अपनी ज़िंदगी में ऐसे दिन भी देखे जब लगातार असफलताओं ने उसे लगभग दिवालिया बना दिया था?

और क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्या था जिसने उसे हार मानने नहीं दी?

यह कहानी केवल दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल एक इंसान की नहीं है। यह कहानी है एक ऐसे लड़के की, जिसे बचपन में अक्सर अकेला छोड़ दिया जाता था, जिसका मज़ाक उड़ाया जाता था और जिसके सपनों को लोग असंभव समझते थे।

लेकिन उसी लड़के ने एक दिन यह तय कर लिया कि वह केवल अपना भविष्य नहीं बदलेगा, बल्कि पूरी दुनिया के भविष्य को बदलने की कोशिश करेगा।

वह लड़का था – एलन मस्क।

Elon Musk Success Story in Hindi – बचपन, संघर्ष और दुनिया बदलने के सफर की प्रेरणादायक कहानी

अगर आप सोचते हैं कि सफलता केवल किस्मत से मिलती है, तो इस कहानी के अंत तक पहुँचते-पहुँचते आपकी सोच बदल सकती है।


एक साधारण बचपन, लेकिन असाधारण सोच :

एलन मस्क का जन्म 28 जून 1971 को दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया शहर में हुआ।

बचपन से ही वह दूसरे बच्चों से अलग थे। जहाँ अधिकतर बच्चे खिलौनों और खेलों में समय बिताते थे, वहीं एलन घंटों किताबें पढ़ते रहते थे। विज्ञान, अंतरिक्ष, कंप्यूटर और भविष्य से जुड़ी हर चीज़ उन्हें आकर्षित करती थी।

कई लोगों का कहना है कि वे इतनी किताबें पढ़ते थे कि स्थानीय पुस्तकालय में विज्ञान और तकनीक से जुड़ी अधिकांश किताबें समाप्त कर चुके थे।

लेकिन पढ़ाई और ज्ञान के प्रति उनका यह जुनून उन्हें लोकप्रिय नहीं बना सका।


जब लोग हँसते थे ?

स्कूल का जीवन उनके लिए आसान नहीं था।

वे शांत स्वभाव के थे, कम बोलते थे और अक्सर अपने विचारों में खोए रहते थे। इसी कारण कई बच्चे उनका मज़ाक उड़ाते थे।

कई बार उनके साथ बदसलूकी भी हुई। एक घटना में कुछ छात्रों ने उन्हें इतना मारा कि उन्हें अस्पताल तक ले जाना पड़ा।

ऐसी घटनाएँ किसी भी बच्चे का आत्मविश्वास तोड़ सकती थीं।

लेकिन एलन ने एक अलग रास्ता चुना।

उन्होंने लोगों को गलत साबित करने की बजाय खुद को बेहतर बनाना शुरू किया।

यहीं से उनकी असली यात्रा शुरू हुई।


केवल 12 साल की उम्र में पहला कमाल :

जब अधिकतर बच्चे वीडियो गेम खेलना सीख रहे थे, तब एलन मस्क वीडियो गेम बनाना सीख रहे थे।

सिर्फ 12 वर्ष की उम्र में उन्होंने “Blastar” नाम का एक साधारण कंप्यूटर गेम बनाया।

उन्होंने उस गेम का कोड एक कंप्यूटर मैगज़ीन को बेच दिया।

उन्हें इसके बदले लगभग 500 डॉलर मिले।

रकम बहुत बड़ी नहीं थी।

लेकिन इस घटना ने एक बात साबित कर दी—

यह लड़का केवल सपने देखने वाला नहीं था।

वह अपने विचारों को वास्तविकता में बदलना भी जानता था।


एक बड़ा फैसला जिसने पूरी ज़िंदगी बदल दी :

एलन जानते थे कि अगर उन्हें अपने बड़े सपनों को पूरा करना है, तो उन्हें दुनिया के उन स्थानों तक पहुँचना होगा जहाँ तकनीक और नवाचार के लिए अधिक अवसर हों।

यही सोचकर उन्होंने पहले कनाडा जाने का फैसला किया।

यह आसान निर्णय नहीं था।

नई जगह, नया देश, सीमित पैसे और अनिश्चित भविष्य।

लेकिन उन्होंने जोखिम उठाया।

क्योंकि उन्हें पता था कि सुरक्षित जीवन और बड़े सपने अक्सर एक साथ नहीं चलते।


संघर्ष की असली शुरुआत :

कनाडा पहुँचने के बाद उनका जीवन किसी फिल्म जैसा नहीं था।

उन्होंने कई छोटे-मोटे काम किए।

कभी खेतों में काम किया।

कभी लकड़ी मिल में मजदूरी की।

कभी ऐसी नौकरियाँ कीं जिन्हें अधिकतर लोग लंबे समय तक करना भी पसंद नहीं करेंगे।

लेकिन उन्होंने कभी इन कामों को अपनी मंज़िल नहीं बनने दिया।

उनके लिए यह केवल एक पड़ाव था।

मंज़िल अभी बहुत दूर थी।


अमेरिका की ओर पहला कदम :

कुछ समय बाद एलन ने उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका का रुख किया।

उन्होंने पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र और भौतिकी की पढ़ाई की।

यह वही समय था जब इंटरनेट धीरे-धीरे पूरी दुनिया को बदलना शुरू कर रहा था।

अधिकतर लोग इसे केवल एक नई तकनीक मान रहे थे।

लेकिन एलन ने इसमें भविष्य देखा।

उन्होंने समझ लिया कि आने वाले वर्षों में इंटरनेट दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनने वाला है।

यही सोच आगे चलकर उनकी पहली बड़ी सफलता की नींव बनी।


एक ऐसा फैसला जिसने सब कुछ दाँव पर लगा दिया :

पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें आगे शोध करने का अवसर मिला।

यह किसी भी छात्र के लिए एक शानदार मौका माना जाता।

लेकिन एलन ने कुछ ऐसा किया जिसकी कल्पना बहुत कम लोग कर सकते हैं।

उन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ दी।

कारण?

वे नौकरी नहीं करना चाहते थे।

वे दुनिया बदलने वाली कंपनी बनाना चाहते थे।

पर सवाल यह था—

क्या बिना बड़े अनुभव, बिना पैसे और बिना किसी गारंटी के ऐसा संभव था?

ज़्यादातर लोग कहते—

“नहीं।”

लेकिन एलन मस्क ने वही रास्ता चुना, जहाँ असफल होने की संभावना सबसे ज़्यादा थी।

और यहीं से शुरू हुई उनकी असली कहानी…

जारी रहेगा…

Elon Musk Success Story (भाग 2)

पहली कंपनी, पहला जोखिम और पहली बड़ी सफलता :

Elon Musk Success Story in Hindi – Zip2, PayPal, Tesla और SpaceX की शुरुआत, संघर्ष और लगातार असफलताओं की प्रेरणादायक कहानी

साल 1995…

इंटरनेट अभी दुनिया के लिए बिल्कुल नया था। ज़्यादातर लोगों को यह भी नहीं पता था कि आने वाले समय में इंटरनेट उनकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा हिस्सा बनने वाला है।

लेकिन एलन मस्क ने भविष्य को पहले ही देख लिया था।

उन्होंने अपने भाई किम्बल मस्क के साथ मिलकर Zip2 नाम की एक कंपनी शुरू की।

यह कंपनी अखबारों के लिए ऑनलाइन बिज़नेस डायरेक्टरी और मैपिंग सॉफ्टवेयर बनाती थी। उस समय यह विचार बहुत नया था। कई निवेशकों ने इसे जोखिम भरा बताया, लेकिन एलन को अपने आइडिया पर पूरा भरोसा था।

शुरुआती दिनों में उनकी आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि वे एक छोटे से ऑफिस में ही सोते थे।

नहाने के लिए पास के जिम का इस्तेमाल करते थे।

दिन में कोड लिखते, रात में ग्राहकों को समझाते और फिर सुबह से वही संघर्ष शुरू हो जाता।

उनके लिए हर दिन एक परीक्षा था।

लेकिन मेहनत धीरे-धीरे रंग लाने लगी।

कुछ ही वर्षों में Zip2 तेजी से बढ़ने लगी।

फिर 1999 में कंप्यूटर कंपनी Compaq ने Zip2 को लगभग 307 मिलियन डॉलर में खरीद लिया।

एलन मस्क को इस सौदे से लगभग 22 मिलियन डॉलर मिले।

अधिकतर लोग इस उम्र में इतनी बड़ी सफलता मिलने के बाद आराम की ज़िंदगी चुन लेते।

लेकिन एलन के लिए यह तो केवल शुरुआत थी।


पैसा कमाना लक्ष्य नहीं था :

पहली सफलता के बाद उनके पास आलीशान घर, महंगी कारें और आरामदायक जीवन जीने का पूरा अवसर था।

लेकिन उन्होंने कुछ और सोचा।

उनका मानना था कि यदि पैसा केवल बैंक खाते में पड़ा रहे, तो उसका कोई अर्थ नहीं है।

उन्होंने लगभग पूरी कमाई एक नए विचार पर लगा दी।

यह विचार था—ऑनलाइन बैंकिंग।

उस समय बहुत कम लोग इंटरनेट के माध्यम से पैसे भेजने पर भरोसा करते थे।

लोगों का कहना था—

“कोई अपना पैसा इंटरनेट पर क्यों भेजेगा?”

लेकिन एलन को विश्वास था कि भविष्य में यही सामान्य तरीका बन जाएगा।


एक ऐसा विचार जिसने दुनिया बदल दी :

उन्होंने X.com नाम की कंपनी शुरू की।

बाद में यह कंपनी दूसरी कंपनी के साथ मिलकर PayPal बनी।

शुरुआत आसान नहीं थी।

तकनीकी समस्याएँ थीं।

सुरक्षा की चुनौतियाँ थीं।

कंपनी के अंदर भी कई मतभेद थे।

यहाँ तक कि एक समय ऐसा आया जब एलन को अपनी ही बनाई कंपनी के नेतृत्व से हटा दिया गया।

सोचिए…

जिस कंपनी के लिए आपने दिन-रात मेहनत की हो, उसी से आपको अलग कर दिया जाए।

ज़्यादातर लोग शायद यहीं टूट जाते।

लेकिन एलन ने ऐसा नहीं किया।

उन्होंने आगे बढ़ना चुना।

साल 2002 में eBay ने PayPal को लगभग 1.5 बिलियन डॉलर में खरीद लिया।

एलन मस्क को इस सौदे से लगभग 180 मिलियन डॉलर मिले।

अब वे आर्थिक रूप से पूरी तरह सुरक्षित थे।

लेकिन उनकी सबसे बड़ी परीक्षा अभी बाकी थी।


ऐसा फैसला जिसे लोग पागलपन कह रहे थे :

अब एलन के सामने दो रास्ते थे।

पहला…

आराम की ज़िंदगी।

दूसरा…

अपनी लगभग पूरी संपत्ति उन सपनों पर लगा देना, जिन पर दुनिया हँस रही थी।

उन्होंने दूसरा रास्ता चुना।

उन्होंने एक साथ तीन बेहद जोखिम भरे क्षेत्रों में पैसा लगाया—

  • अंतरिक्ष तकनीक
  • इलेक्ट्रिक कारें
  • स्वच्छ ऊर्जा

कई विशेषज्ञों ने कहा—

“यह असंभव है।”

कुछ ने कहा—

“यह अपना सारा पैसा खो देगा।”

लेकिन एलन ने एक बार फिर लोगों की राय से ज़्यादा अपने विज़न पर भरोसा किया।


SpaceX की शुरुआत :

साल 2002 में उन्होंने SpaceX की स्थापना की।

उनका लक्ष्य केवल रॉकेट बनाना नहीं था।

वे अंतरिक्ष यात्रा की लागत कम करना चाहते थे ताकि भविष्य में इंसान दूसरे ग्रहों तक भी पहुँच सके।

यह विचार सुनकर कई लोगों ने उनका मज़ाक उड़ाया।

लोग कहते थे—

“रॉकेट बनाना सरकारों का काम है, किसी निजी कंपनी का नहीं।”

लेकिन एलन ने कोशिश शुरू कर दी।


लगातार तीन असफलताएँ :

पहला रॉकेट लॉन्च…

असफल।

दूसरा लॉन्च…

फिर असफल।

तीसरा लॉन्च…

वह भी असफल।

हर असफल लॉन्च के साथ करोड़ों डॉलर खत्म हो रहे थे।

निवेशक पीछे हट रहे थे।

मीडिया आलोचना कर रहा था।

दुनिया कह रही थी—

“अब यह कंपनी खत्म हो जाएगी।”

लेकिन एलन के पास हार मानने का विकल्प नहीं था।

क्योंकि उन्होंने अपनी लगभग पूरी संपत्ति इसी सपने में लगा दी थी।


उधर Tesla भी संघर्ष कर रही थी :

इसी दौरान वे Tesla में भी निवेश कर चुके थे।

उस समय इलेक्ट्रिक कारों को गंभीरता से नहीं लिया जाता था।

लोग मानते थे कि पेट्रोल और डीज़ल की कारों का कोई विकल्प नहीं हो सकता।

Tesla को लगातार आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

कंपनी को चलाना मुश्किल हो गया था।

एलन अपनी बची हुई निजी पूँजी भी कंपनी में लगाते जा रहे थे।

उनके करीबी लोगों ने भी उन्हें जोखिम कम करने की सलाह दी।

लेकिन उन्होंने एक ही जवाब दिया—

“अगर मुझे लगता है कि कोई काम मानवता के लिए ज़रूरी है, तो मैं उसे तब तक नहीं छोड़ूँगा जब तक कोशिश करने की आखिरी संभावना भी खत्म न हो जाए।”


साल 2008 – ज़िंदगी का सबसे कठिन मोड़ :

साल 2008 एलन मस्क के जीवन का सबसे कठिन वर्ष माना जाता है।

एक तरफ SpaceX बार-बार असफल हो रही थी।

दूसरी तरफ Tesla के पास पैसे खत्म हो रहे थे।

उसी समय वैश्विक आर्थिक मंदी भी आ चुकी थी।

कई लोगों को विश्वास हो गया था कि एलन मस्क का सफर अब यहीं खत्म हो जाएगा।

लेकिन किस्मत अभी अपना आखिरी पन्ना खोलना बाकी थी…

जारी रहेगा…

Elon Musk Success Story (भाग 3)

जब चौथी कोशिश ने इतिहास बदल दिया :

Elon Musk Success Story in Hindi – SpaceX और Tesla की सफलता, प्रेरणादायक सीख और भविष्य बदलने की कहानी

साल 2008…

एलन मस्क के पास समय भी कम था और पैसा भी।

SpaceX के लगातार तीन रॉकेट लॉन्च असफल हो चुके थे। कंपनी के पास संसाधन तेजी से खत्म हो रहे थे। कई लोगों का मानना था कि चौथा लॉन्च भी असफल हुआ तो SpaceX का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।

लेकिन एलन मस्क ने हार मानने के बजाय अपनी पूरी टीम से कहा कि आखिरी कोशिश भी उसी समर्पण के साथ की जाएगी।

28 सितंबर 2008 को Falcon 1 ने सफलतापूर्वक अंतरिक्ष की कक्षा में प्रवेश किया।

यह इतिहास का वह पल था जब पहली बार किसी निजी कंपनी द्वारा विकसित तरल ईंधन वाले रॉकेट ने सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा हासिल की।

एक सफल लॉन्च ने पूरी कहानी बदल दी।

कुछ ही समय बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने SpaceX को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए कार्गो मिशनों का बड़ा अनुबंध दिया।

जिस कंपनी को कुछ महीने पहले लोग असफल मान रहे थे, वही अब अंतरिक्ष उद्योग का भविष्य बन चुकी थी।


Tesla ने भी दुनिया की सोच बदल दी :

उधर Tesla धीरे-धीरे अपनी पहचान बना रही थी।

शुरुआत में लोग इलेक्ट्रिक कारों को कमज़ोर, धीमी और सीमित दूरी तय करने वाली गाड़ियों के रूप में देखते थे।

लेकिन Tesla ने साबित किया कि इलेक्ट्रिक कारें तेज़, सुरक्षित, आधुनिक और आकर्षक भी हो सकती हैं।

इसके बाद Model S, Model 3, Model Y जैसी कारों ने दुनिया भर में नई सोच पैदा की।

आज लगभग हर बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर गंभीरता से काम कर रही है।

जिस विचार पर कभी लोग हँसते थे, वही आज पूरी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की दिशा बदल चुका है।


केवल कारें नहीं, भविष्य बनाने की कोशिश :

एलन मस्क की सोच हमेशा किसी एक कंपनी तक सीमित नहीं रही।

उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में ऐसे प्रोजेक्ट शुरू किए जिनका उद्देश्य भविष्य की बड़ी समस्याओं का समाधान ढूँढना था।

SpaceX के माध्यम से अंतरिक्ष तकनीक को सस्ता और अधिक उपयोगी बनाने का प्रयास।

Tesla के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक परिवहन को बढ़ावा।

Neuralink के माध्यम से मस्तिष्क और कंप्यूटर के बीच नई संभावनाओं की खोज।

The Boring Company के माध्यम से शहरी परिवहन की नई कल्पना।

उनके सभी प्रोजेक्ट सफल नहीं हुए हैं, और कई अब भी विकास के चरण में हैं। लेकिन उनका दृष्टिकोण हमेशा एक जैसा रहा—बड़ी समस्याओं पर काम करना।


क्या एलन मस्क कभी असफल नहीं हुए?

अगर कोई केवल उनकी आज की सफलता देखे, तो उसे ऐसा लग सकता है।

लेकिन सच्चाई बिल्कुल अलग है।

उन्होंने कई कंपनियाँ शुरू कीं, जिनमें कठिन दौर आए।

रॉकेट फटे।

कंपनियों को वित्तीय संकट झेलना पड़ा।

आलोचना हुई।

व्यक्तिगत जीवन भी कई बार सुर्खियों में रहा।

फिर भी उन्होंने एक बात नहीं छोड़ी—

सीखना और दोबारा कोशिश करना।

यही किसी भी सफल व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान होती है।


एलन मस्क से मिलने वाली सबसे बड़ी सीख :

सफल लोग असफल नहीं होते—यह धारणा गलत है।

सफल लोग असफलता के बाद रुकते नहीं हैं।

एलन मस्क की कहानी हमें सिखाती है कि—

  • बड़ा सपना देखने से पहले बड़ा जोखिम उठाने का साहस होना चाहिए।
  • केवल पैसा कमाना सफलता नहीं है, बल्कि ऐसी समस्या हल करना सफलता है जिससे करोड़ों लोगों का जीवन बेहतर हो।
  • आलोचना से डरने वाला व्यक्ति नया इतिहास नहीं लिख सकता।
  • ज्ञान में किया गया निवेश सबसे अधिक लाभ देता है।
  • लगातार सीखते रहने वाला व्यक्ति समय के साथ आगे निकल जाता है।
  • धैर्य और अनुशासन, प्रतिभा से भी अधिक महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

अगर आप अपने जीवन में सफल होना चाहते हैं…

शायद आपके पास करोड़ों रुपये न हों।

शायद आपके पास बड़ी टीम न हो।

शायद आज लोग आपके सपनों पर विश्वास भी न करें।

लेकिन एक चीज़ आपके हाथ में हमेशा रहती है—

आज लिया गया आपका अगला सही निर्णय।

एलन मस्क भी एक दिन में सफल नहीं बने थे।

उन्होंने वर्षों तक संघर्ष किया, गलतियाँ कीं, उनसे सीखा और फिर आगे बढ़ते रहे।

हो सकता है कि आपकी आज की मेहनत का परिणाम कल न मिले।

लेकिन लगातार किया गया सही प्रयास एक दिन ज़रूर दिखाई देता है।


निष्कर्ष :

एलन मस्क की कहानी हमें यह नहीं सिखाती कि हर व्यक्ति दुनिया का सबसे अमीर इंसान बन सकता है।

यह कहानी हमें इससे भी बड़ी बात सिखाती है—

सपनों का आकार आपकी परिस्थितियाँ तय नहीं करतीं, आपका साहस तय करता है।

जब दुनिया किसी विचार को असंभव कहती है, तब कुछ लोग उस पर हँसते हैं और कुछ लोग उस पर काम करना शुरू कर देते हैं।

इतिहास अक्सर उन्हीं लोगों के नाम याद रखता है जिन्होंने हँसी और आलोचना के बावजूद अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया।

इसलिए यदि आपके पास भी कोई ऐसा सपना है जो आज दूसरों को असंभव लगता है, तो उसे छोड़िए मत।

क्योंकि कई बार सबसे असंभव दिखने वाला सपना ही भविष्य की सबसे बड़ी सच्चाई बन जाता है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: क्या एलन मस्क जन्म से अमीर थे?
नहीं। उनका परिवार पूरी तरह गरीब नहीं था, लेकिन उनकी आज की संपत्ति का अधिकांश हिस्सा उन्होंने अपने व्यवसायों और निवेशों के माध्यम से बनाया।

प्रश्न 2: एलन मस्क की पहली कंपनी कौन-सी थी?
उनकी पहली बड़ी कंपनी Zip2 थी, जिसे बाद में Compaq ने खरीद लिया।

प्रश्न 3: एलन मस्क की सबसे बड़ी सफलता क्या मानी जाती है?
SpaceX, Tesla और PayPal—तीनों ने अपने-अपने क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर बड़ा प्रभाव डाला है।

प्रश्न 4: एलन मस्क की सफलता का सबसे बड़ा रहस्य क्या है?
लंबी अवधि की सोच, कठिन समस्याओं पर काम करना, जोखिम लेने का साहस और लगातार सीखते रहना।


तथ्य एवं विश्वसनीय स्रोत :

इस लेख में दी गई जानकारी निम्न विश्वसनीय स्रोतों और सार्वजनिक रिकॉर्ड पर आधारित है—

  • एलन मस्क की आधिकारिक जीवनी और सार्वजनिक साक्षात्कार।
  • SpaceX द्वारा प्रकाशित आधिकारिक मिशन और कंपनी संबंधी जानकारी।
  • Tesla की आधिकारिक कंपनी जानकारी और निवेशक रिपोर्ट।
  • NASA द्वारा SpaceX से जुड़े सार्वजनिक अनुबंध और मिशन विवरण।
  • Walter Isaacson द्वारा लिखित Elon Musk जीवनी।
  • Ashlee Vance द्वारा लिखित Elon Musk: Tesla, SpaceX, and the Quest for a Fantastic Future

अंतिम संदेश :

अगर इस कहानी से आपको केवल एक बात याद रखनी हो, तो वह यह हो—

“सफल लोग अलग काम नहीं करते, बल्कि सामान्य कामों को असाधारण निरंतरता के साथ करते हैं।”

हो सकता है आज आपकी मेहनत किसी को दिखाई न दे।

लेकिन अगर आपका लक्ष्य स्पष्ट है, सीखने की भूख ज़िंदा है और हार के बाद भी आगे बढ़ने का साहस है, तो आपकी कहानी भी किसी दिन किसी और के लिए प्रेरणा बन सकती है।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *